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प्रवेश :

महाविद्यालय में प्रवेश पाने के लिए कार्यालय से विवरण-पत्रिका प्रार्थना प्रपत्र 100/- रुपये में प्राप्त किया जा सकता है। यह संस्था विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रमों में अनुसार परास्नातक तक की शिक्षा प्रदान करता है।


प्रवेश के नियम:

  1. छात्र/छात्राऐं प्रार्थना-पत्र अपने हाथ से सावधानी पूर्वक पूरित कर उस पर अपना छायाचित्र यथास्थान पर चिपका कर निम्न प्रपत्रों के साथ संलग्न करें।

    1. हाईस्कूल परीक्षा के प्रमाण-पत्र की प्रमाणित सत्य प्रतिलिपि।
    2. अन्तिम परीक्षा के प्राप्तांको की प्रमाणित सत्य प्रतिलिपि।
    3. अन्तिम विद्यालय के प्रधानाचार्य/प्राचार्य से प्राप्त चरित्र प्रमाण-पत्र।
    4. शिक्षा संस्था का स्थानान्तरण प्रमाण-पत्र (मूलरुप में) संलग्न कर प्राचार्य/मुख्य अनुशासक के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत करें।
  2. छात्र/छात्राऐं जो भी प्रमाण-पत्र व उनकी सत्यापित प्रतिलिपियाँ जमा करेगी उनकी सत्यता का दायित्व उनके ऊपर ही होगा।

  3. प्राचार्य से प्रवेश का आदेश प्राप्त हो जाने पर महाविद्यालय के कार्यालय में शुल्क जमा करने पर ही प्रवेश पूर्ण माना जायेगा।

  4. प्रवेश शुल्क के साथ परिचय-पत्र के लिए अपना पासपोर्ट आकार का छायाचित्र भी जमा करें।

  5. सम्बन्धित प्रवक्ता को कक्षा प्रवेश के लिए परिचय-पत्र दिखाना आवश्यक है। जिससे विद्यार्थी का नाम वि विषय उपस्थिति पंजिका में लिखा जा सके।

  6. सामान्यतः विद्यार्थियों को विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

  7. एक वर्ष से अधिक का अन्तराल होने पर विषय देना सम्भव न होगा।

  8. बी० ए० / बी० एस-सी० में प्रवेश उन्ही विद्यार्थियों को दिया जायेगा जिन्होने इण्टर में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हो।


विशेष:

जिन छात्र/छात्राओं ने अपनी अन्तिम परीक्षा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् अथवा कानपुर विश्वविद्यालय के अतिरिक्त अन्य किसी संस्था से उत्तीर्ण की है, उन्हे प्रवजन प्रमाण-पत्र भी संलग्न करना होगा।


अनुशासन:

प्रवेश के समय प्रत्येक छात्र एवं उसके पिता / संरक्षक को इस घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने होगें कि वह किसी भी अमर्यादित कार्य में भाग नही लेगा जिससे महाविद्यालय की व्यवस्था एवं नियम भंग हों और महाविद्यालय की प्रतिष्ठा को आघात पहुँचे इस नियम का उल्लंघन करने पर छात्र/छात्रा का निष्कासन कर दिया जायेगा।


उपस्थिति एवं अर्द्धवार्षिक परीक्षा:

किसी भी छात्र/छात्रा को विश्वविद्यालय की परीक्षा में सम्मिलित होने की आज्ञा निम्न स्थिति में दी जा सकती है।

  1. छात्र/छात्रा की उपस्थिति प्रत्येक विषय में 75 प्रतिशत हो।
  2. अर्द्धवार्षिक परीक्षा प्रत्येक छात्र/छात्रा को देना अनिवार्य है। परीक्षा प्राप्तांक विश्वविद्यालय को प्रेषित किये जाते हैं।