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हमारे बारे में -

 

विद्या समस्त मनुष्यों के चरित्र निर्माण करने वाली, गहन अंधकार में प्रकाश पुन्ज बिखरने वाली अनन्त शक्ति का भण्डार है। विद्यालय के प्रचार-प्रसार तथा विद्यार्थी के चरित्र एवं भविष्य निर्माण के केन्द्र होते हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर 8 फरवरी 1948 ई० को बिधूना कस्बे में पब्लिक एजूकेशनल सोसाइटी की स्थापना की गयी थी। जिस प्रकार एक पौधा धीरे-धीरे बढ़कर वृक्ष का रुप लेता है उसी प्रकार यह विद्यालय भी प्राथमिक कक्षाओं से उन्नत शिखर तक बढ़ते हुए महाविद्यालय स्तर तक पहुँच गया है एवं वर्तमान मे गजेन्द्र सिंह विधि महाविद्यालय संचालित है तथा महाविद्यालय में एम.ए. व एम.एस-सी. तथ बी.एड. की सम्बद्धता प्राप्त है। क्षेत्रीय बालिकाओं एवं बालकों की उच्च शिक्षा की महती आवश्यकता का अनुभव करते हुए पब्लिक एजूकेशन सोसाइटी द्वारा इस सहस्त्रादि के प्रथम सत्र में गजेन्द्र सिंह पब्लिक डिग्री कॉलेज की स्थापना की। इस विद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा पूर्व विधायक एवं महाविद्यालय में पूर्व प्रबन्धक स्व० श्री गजेन्द्र सिंह जी एवं डॉ० सूर्य प्रताप सिंह जी (आई.ए.एस.) का रहा है।

आदर्श एवं उद्देश्य : शिक्षा के मानवीय तथा आत्मिक सेवा कार्य एवं अपने छात्र-छात्राओं को वास्तविक तथा व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करना|

संस्था का आदर्श : श्रेष्ठतम कार्य कुशलता, सुसंस्कृत आचरण तथा समर्पण है| पब्लिक डिग्री कॉलेज का तात्कालिक उद्देश्य विस्तृत तथा आधुनिक शिक्षण कार्यक्रमों के द्वारा कला संकाय में स्नातक स्तर की गहन एवं व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करना है|

सम्बद्धता -

 

गजेन्द्र सिंह पब्लिक डिग्री कॉलेज बिधूना (औरैया) के वर्ष 2000 ई0 से छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से सम्बद्ध तथा वर्ष 2006 से कला एवं विज्ञान संकाय में स्थाई सम्बद्धता प्राप्त है। महाविद्यालय को एम.ए. - अंग्रेजी साहित्य, ग्रह विज्ञान, समाज शास्त्री, एम.एस-सी- वनस्पति विज्ञान, जन्तु विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित तथा बी. एड. कक्षाओं के संचालन हेतु सम्बद्धता प्राप्त है।